मिशन रोजगार के अन्तर्गत आयुष विभाग के 163 चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद), 02 उपाचार्य (आयुर्वेद), 19 प्रोफेसर (होम्योपैथी), 03 प्रवक्ता (होम्योपैथी)
तथा गृह विभाग के अन्तर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला मंे 96 कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायकों का नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने नवचयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये

प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विगत 08 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश में
युवाओं को लगभग साढ़े 08 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान कीं: मुख्यमंत्री

विगत 08 वर्षाें में प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की

प्रदेश सरकार युवाओं को नई पहचान के साथ वैश्विक पटल पर स्थापित कर रही

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह शासन की मंशा तथा
शासन द्वारा अपनायी गई शुचिता और पारदर्शिता का उदाहरण

नए भारत का नया उ0प्र0 भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ
इंजन के रूप में सपोर्ट करने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा

दुनिया के 193 देश अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत के साथ जुड़ते, यह
दुनिया के मन में भारत की ट्रेडीशनल परम्परा के प्रति उत्पन्न श्रद्धा का नया भाव

आयुर्वेदिक पद्धति भारत के प्राचीन ऋषि मुनियों के अनुभव पर आधारित

प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य पूर्ण, 2,114 आयुर्वेद,
254 यूनानी तथा 1,585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों का संचालन किया जा रहा

15 जनपदों में 50 शैय्या के इंटीग्रेटेड आयुष चिकित्सालयों का संचालन प्रारम्भ

प्रदेश में 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जा
रहा, 225 आयुष चिकित्सालयों में योग एवं वेलनेस सेंटर प्रारम्भ

395 राजकीय आयुष चिकित्सालयों का निर्माण प्रारम्भ, 551 आयुर्वेद,
होम्योपैथी तथा यूनानी चिकित्सालयों के उच्चीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ी

बीमारी के उपचार के साथ-साथ उससे बचाव के
उपायों के बारे में लोगों को जागरुक करना आवश्यक

03 नए कानूनों के कार्यान्वयन में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की बड़ी भूमिका होगी

वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 एफ0एस0एल0 लैब्स, 06 लैब्स
निर्माणाधीन हैं तथा अन्य को निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा

लखनऊ: 27 मार्च, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से विगत 08 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश में युवाओं को लगभग साढ़े 08 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। विगत 08 वर्षों में प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट होता था। आज प्रदेश सरकार युवाओं को नई पहचान के साथ वैश्विक पटल पर स्थापित कर रही है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में मिशन रोजगार के अन्तर्गत आयुष विभाग के 163 चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद), 02 उपाचार्य (आयुर्वेद), 19 प्रोफेसर (होम्योपैथी), 03 प्रवक्ता (होम्योपैथी) तथा गृह विभाग के अन्तर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला मंे 96 कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण समारोह स्वयं में शासन की मंशा तथा शासन द्वारा अपनायी गई शुचिता और पारदर्शिता का उदाहरण है। यदि यह भर्ती शुचितापूर्ण तरीके से नहीं होती तो इससे सम्बन्धित मामले न्यायालयों में लम्बित होने के कारण एक भी नियुक्ति प्रक्रिया समय से पूर्ण नहीं हो पाती। सरकार की कार्य पद्धति तत्परता के साथ निर्णय लेने तथा उन्हें शुचिता व पारदर्शितापूर्ण तरीके से जमीनी धरातल पर उतारने की है। इन कार्यों के उतने ही शुचिता तथा पारदर्शितापूर्ण परिणाम भी प्राप्त हो रहे हैं।
यही परिणाम आज नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं। नए भारत का नया उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में सपोर्ट करने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा है। यही प्रधानमंत्री जी की भी मंशा थी कि सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश, देश के विकास में एक सहायक के रूप में खड़ा हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शासन की मंशा के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया को ईमानदारी व शुचितापूर्वक सम्पन्न कराया है। आयुष विभाग के अन्तर्गत आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, यूनानी तथा सिद्धा आदि सम्मिलित हैं। प्रधानमंत्री जी ने देश में आयुष से सम्बन्धित एक नये मंत्रालय का गठन किया। उन्होंने ट्रेडीशनल मेडिसिन पद्धति को प्रोत्साहित करने का काम किया। देश में इससे सम्बन्धित अच्छे संस्थानों का निर्माण किया गया। इन कार्यों के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पहले लोग योग से घबराते थे लेकिन अब दुनिया के 193 देश अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत के साथ जुड़ते हैं। यह दुनिया के मन में भारत की ट्रेडीशनल परम्परा के प्रति उत्पन्न श्रद्धा का नया भाव है। पहले भारत की विरासत को कोसना कुछ लोगों के लिए गर्व की बात होती थी। भारत की विरासत को जैसे ही मान्यता प्राप्त हुई तथा प्रधानमंत्री जी ने उसे आगे बढ़ाने का कार्य किया, योग विधा के साथ पूरी दुनिया जुड़ती हुई दिख रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति भारत के प्राचीन ऋषि मुनियों के अनुभव पर आधारित है। यह पद्धति रोग के उपचार के साथ-साथ जीवन को सन्तुलित रूप से सुरक्षित रखने तथा आयु वृद्धि में भी सहायक हो सकती है। आयुर्वेद हमें सिखाता है कि संतुलित दिनचर्या के माध्यम से अपनी काया को आरोग्यता कैसे प्रदान की जा सकती है। सभी आयुष पद्धति का पालन करें, इसके लिए सामान्य रूप से सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए हैं। प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 2,114 आयुर्वेद, 254 यूनानी तथा 1,585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों का संचालन किया जा रहा है। लखनऊ तथा पीलीभीत में आयुष की निर्माण शालाओं का निर्माण कार्य अन्तिम चरण में है। 15 जनपदों में 50 शैय्या के इंटीग्रेटेड आयुष चिकित्सालयों की स्थापना कर संचालन प्रारम्भ किया जा चुका है। तीन जनपदों में इनके निर्माण का कार्य प्रगति पर है। विश्वास है कि बहुत शीघ्र हम इन्हें आगे बढ़ा पाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जा रहा है। 225 आयुष चिकित्सालयों में योग एवं वेलनेस सेंटर को भी प्रारम्भ किया गया है। 395 राजकीय आयुष चिकित्सालयों का निर्माण प्रारम्भ किया गया है। 551 आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा यूनानी चिकित्सालयों के उच्चीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। प्रदेश में बनाये जा रहे हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना है। गांवों में आरोग्यता का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर, आयुर्वेद हाॅस्पिटल, आयुष से जुड़े काॅलेज तथा विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। यह सभी संस्थान हेल्थ टूरिज्म के नये केन्द्र बन सकते हैं। उत्तर प्रदेश में इसके लिए व्यापक सम्भावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में उर्वरा भूमि तथा पर्याप्त जल संसाधन हैं। ऐसी स्थिति दुनिया के अन्य किसी देश में नहीं है। शुद्ध वातावरण आयुष के लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण माना जाता है। यदि हम थोड़ा सा प्रयास करेंगे, तो हेल्थ टूरिज्म की सम्भावनाएं तेजी के साथ आगे बढ़ सकती हैं। जैसा कि हमने प्रदेश को स्प्रिचुअल टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया में नम्बर एक पर लाकर खड़ा कर दिया है। यह सम्भावनाएं पहले भी थीं, लेकिन पिछली सरकारों में रुचि का अभाव था। डबल इंजन सरकार विरासत का सम्मान तथा उस पर गौरव की अनूभूति कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक केन्द्रों को काॅरिडोर्स के माध्यम से विभिन्न सुविधाओं से जोड़ने के परिणामस्वरूप प्रदेश वर्तमान में स्प्रिचुअल टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है। आस्था का सम्मान करते हुए लाखांे लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। महाकुम्भ इसका उदाहरण बना है। काशी, अयोध्या, चित्रकूट, गोरखपुर, नैमिषारण्य, मथुरा, वृन्दावन तथा शुकतीर्थ आदि क्षेत्रों में अनेक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार यदि हम हेल्थ टूरिज्म के क्षेत्र में आयुष पद्धति के केन्द्रों को विकसित करेंगे, तो इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। लोग पंचकर्म विधा का भरपूर उपयोग करेंगे। लोग योग के कार्यक्रमों में रूचि लेते हुए दिखायी देते हैं। आप अलग-अलग जगहों पर योग के सेन्टर स्थापित करिए। इन केन्द्रों पर अनेक लोग योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की प्रक्रिया से जुड़ने के लिए आतुर दिखायी देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोगों में आयुष के सम्बन्ध में अपनायी गई हीन भावना को दूर करने की आवश्यकता है। आयुष, योग, नेचुरोपैथी तथा ट्रेडिशनल मेडिसिन के प्रति आपके मन में श्रद्धा का भाव होना चाहिए, जिससे इनसे सम्बन्धित हेल्थ टूरिज्म के  अनेक केन्द्रों को विस्तार देने में सफल हो सकते हैं। यदि आप इस दिशा मंे प्रत्येक जनपद में विकास खण्ड स्तर पर कार्य करेंगे, तो यह नए रोजगार सृजन में सहायक हो सकता है। जैसे ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में रोजगार सृजन के साथ-साथ राज्य को एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित होने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें आयुर्वेद की टैबलेट्स का लाभ लेने के साथ-साथ अनेक देशी पद्धतियों के बारे में भी जानकारी जुटानी चाहिए। अनुभवी वैद्यों तथा बुजुर्गों से इसके संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। गांवों के बुजुर्गों द्वारा समय-समय पर इस प्रकार की अनेक उपचार की पद्धतियां अपनायी जाती थीं, जिन्हें दादी के नुस्खों के रूप में भी जाना जाता है। टैबलेट इन पद्धतियों का रिफाइन्ड रूप है। हमें इस ज्ञान को सुरक्षित करना होगा। गायों को गुणवत्तापूर्ण घास, चारा तथा चोकर आदि खिलाने का असर उनके दूध पर पड़ता है। फर्टिलाइजर तथा पेस्टीसाइट्स से युक्त खेती से प्राप्त होने वाला अनाज व्यक्ति को बीमार कर देता है। हमें लोगों को जागरुक करना होगा कि रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती लोगों की बचत का माध्यम बन सकती है। केन्द्र सरकार ने इस अभियान को नेचुरल फाॅर्मिंग मिशन के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में 01 लाख हेक्टेयर भूमि इस मिशन से जोड़ी जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बीमारी के उपचार के साथ-साथ उससे बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरुक करना आवश्यक है। लोगों को शुद्ध पेयजल, जल संरक्षण तथा प्राकृतिक जीवन पद्धति के बारे में भी अवगत कराना आवश्यक है। योग और वेलनेस सेन्टर लोगों की दिनचर्या को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। संयमित और नियमित दिनचर्या यौगिक दिनचर्या मानी जाती है। समय पर सोना, जगना तथा आहार लेना अनेक बीमारियों को स्वतः ही दूर कर देता है। योग में बताये गये यम और नियम व्यवस्थित दिनचर्या का ही उल्लेख करते हैं। आयुष की सभी पद्धतियां हमें व्यवस्थित दिनचर्या से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में 01 जुलाई, 2024 को 03 नए कानून लागू किये गये हैं। इन कानूनों के कार्यान्वयन में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफ0एस0एल0) की बड़ी भूमिका होगी। प्रदेश मंे पहले 04 एफ0एस0एल0 लैब्स थीं। प्रदेश सरकार द्वारा 08 अन्य लैब्स का निर्माण किया गया। वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 एफ0एस0एल0 लैब्स हैं। 06 लैब्स निर्माणाधीन हैं तथा अन्य को निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक रेंज स्तर पर एफ0एस0एल0 लैब स्थापित की जाए। इन सभी में समन्वय बनाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट इन्स्टीट्यूट आॅफ फाॅरेंसिक साइंस की स्थापना की गई है। अच्छी कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा का बेहतर वातावरण सुशासन की पहली शर्त है। कानून का राज स्थापित करने के लिए आवश्यक है कि पीड़ित को समय से न्याय मिले। साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को सजा दिलायी जाए। किसी निर्दोष के खिलाफ कार्यवाही न हो। इसमें सबसे बड़ी भूमिका एफ0एस0एल0 लैब्स की होने जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 07 वर्ष से अधिक की सजा का प्राविधान वाले जघन्य अपराधांे के ट्रायल में एफ0एस0एल0 के साक्ष्य आवश्यक होते हैं। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक जनपद में 02-02 ऐसी मोबाइल लैब्स हों, जिनको तत्काल घटना स्थल पर भेजा जा सके। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पहले हमारे पास टेक्निकल स्टाफ का अभाव रहता था। उत्तर प्रदेश स्टेट इन्स्टीट्यूट आॅफ फाॅरेंसिक साइंस में डिग्री और डिप्लोमा के अनेक कोर्स प्रारम्भ हुए हैं। टेक्निकल स्टाफ की कैपिसिटी बिल्डिंग के लिए अनेक कदम उठाएं जा रहे हैं। इस कार्य को अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश स्टेट इन्स्टीट्यूट आॅफ फाॅरेंसिक साइंस से अगले 10 वर्षों में निकलने वाले विद्यार्थियों के लिए देश-दुनिया में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं रहेगी। उन्हें स्वयं को अभी से तैयार करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले आजमगढ़ का निवासी बताने पर लोगों को बाहर जाने पर होटलों तथा धर्मशालाओं में कमरे नहीं मिलते थे। आज एफ0एस0एल0 लैब के टेक्निकल स्टाफ के लिए आजमगढ़ के युवा का चयन हो रहा है। आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय संचालित हो रहा है। आज वहां एयरपोर्ट बन चुका है। कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आप जैसा करेंगे वैसा ही फल प्राप्त करेंगे। हमें अपने देश के लिए काम करना है। देश की सेवा नारों से नहीं बल्कि ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्योें का निर्वहन करने से होती है। आप जिस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, वहां अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन कीजिए। कोई भी काम कल के लिए मत छोड़िये, जो काम कल करना है, उसे आज ही निपटा लंे। ऐसा करने से जनता आपकी कार्यशैली की प्रशंसा करेगी। आप सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे। कोई काम कल के लिए छोड़ने का तात्पर्य अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन न करना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 08 वर्ष पूर्व प्रदेश के विभिन्न भर्ती आयोगों की कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह लगते थे। भर्तियों से सम्बन्धित विभिन्न याचिकाएं न्यायालयों में लम्बित रहती थीं। न्यायालयों ने तत्कालीन सरकार तथा आयोगों की कार्य पद्धति पर गम्भीर प्रश्न खड़े किए थे। वर्तमान में किसी भी युवा को उसकी अपेक्षा के अनुरूप शासकीय नौकरी प्राप्त होना, उसके सपने को नई उड़ान प्रदान करने जैसा है। युवाओं के माता-पिता, अभिभावकों तथा मित्रों द्वारा देखा गया सपना आज साकार हो रहा है। यह नियुक्ति पत्र आपकी जीवन यात्रा को सुगमतापूर्वक आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 08 वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 1,56,000 कार्मिकों की नियुक्ति की गई है। अभी हाल ही में 60,200 कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया संपन्न करते हुए उन्हें ट्रेनिंग प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान जितने पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है, लगभग उतने ही शिक्षकों की भी नियुक्त की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया को अन्य सभी विभागों में इसी तत्परता के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है। जब अच्छे व दक्ष कार्मिक किसी शासकीय सेवा या प्रतिष्ठान का हिस्सा बनते हैं तो वहां की कार्यशैली में तेजी दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारियों तथा कर्मचारियों की कैपेसिटी बिलिं्डग के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ाने तथा प्रोत्साहन देने के परिणामस्वरूप राज्य विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। देश व दुनिया से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु ने प्रयागराज महाकुम्भ की प्रशंसा की। आमजन अच्छी सेवाओं को प्राप्त कर, उनकी प्रशंसा करता है। महाकुम्भ क्षेत्र में श्रद्धालुजन अच्छी स्वच्छता, पुलिस का अच्छा व्यवहार, पांटून पुल व चेकर्ड प्लेट की व्यवस्था, संगम में पर्याप्त जल की उपलब्धता, विभिन्न कॉरिडोर्स का निर्माण, स्वतः स्फूर्त अनुशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे थे। महाकुम्भ क्षेत्र में अनेक विभाग कार्य कर रहे थे, लेकिन उन सभी विभागों की मॉनीटरिंग एक जगह से होती थी। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से अब आप प्रत्येक गतिविधि का अवलोकन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम लोग लखनऊ से महाकुम्भ में चल रही विभिन्न गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहे थे। एक एक गतिविधि का अवलोकन कर उससे सम्बन्धित दिशा निर्देश वहां उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को प्रदान किए जाते थे। जब इसी टीम भाव के साथ कार्य किया जाता है तो महाकुम्भ जैसे महा आयोजन सफल हो पाते हैं। यही हम सब ने प्रयागराज में देखा है। वर्ष 2019 के प्रयागराज कुम्भ तथा प्रयागराज महाकुम्भ-2025 ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलायी है। हमें अपने दैनिक जीवन में भी यही सब कुछ देखने को मिलता है। आप लोग विभागीय स्तर पर टेक्नोलॉजी का उपयोग कर वहां की कार्यशैली को और बेहतर बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में कोई भी देश ऐसा नहीं होगा, जिसके लोगों ने महाकुम्भ आने की रुचि न दिखाई हो। 45 दिनों के इस महाआयोजन के दौरान महाकुम्भ दुनिया की प्राइम न्यूज बना था। सनातन धर्म से जुड़े हुए इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के विषय में दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति जानकारी प्राप्त करना चाहता था। यह चीजें बताती हैं कि यदि हम अपनी विरासत के प्रति थोड़ी सी भी रुचि दिखाते हैं, तो पूरी दुनिया उसके प्रति आकर्षित होती हुई दिखाई देती है।
आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
नवचयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में मिशन रोजगार से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आयुष श्री रंजन कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवा श्री नवीन अरोड़ा, नवचयनित अभ्यर्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
--------------


Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने