गंगा किनारे बसा सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। यह लगातार दूसरी बार सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है। इससे पहले भी केंद्र सरकार के वार्षिक सर्वेक्षण 2020 के अनुसार गंगा किनारे बसे सबसे स्वच्छ शहरों में वाराणसी शीर्ष स्थान पर था। प्राचीन, पवित्र शहर वाराणसी को गंगा नदी किनारे सबसे साफ शहर बनाने में प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा योगदान है
पीएम मोदी ने अस्सी घाट से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। जिसके बाद से गंगा घाटों की सफाई दिन दूनी-रात चौगुनी रफ्तार से बेहतर होती चली गई। इसके चलते बनारस को यह पुरस्कार मिला है।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों गंगा किनारे बसे शहरों में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा बनारस को हासिल हुआ। यह पुरस्कार नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, महापौर मृदुला जायसवाल और अफसरों ने लिया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के अनुसार वाराणसी उत्तर प्रदेश का सातवां और देश का 30वां सबसे साफ-सुथरा शहर है।
पीएम मोदी ने अस्सी घाट से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। जिसके बाद से गंगा घाटों की सफाई दिन दूनी-रात चौगुनी रफ्तार से बेहतर होती चली गई। इसके चलते बनारस को यह पुरस्कार मिला है।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों गंगा किनारे बसे शहरों में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा बनारस को हासिल हुआ। यह पुरस्कार नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, महापौर मृदुला जायसवाल और अफसरों ने लिया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के अनुसार वाराणसी उत्तर प्रदेश का सातवां और देश का 30वां सबसे साफ-सुथरा शहर है।
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